Thursday, 4 April 2013

आज तुम नहीं हो .......


आज तुम नहीं हो तो

क्या सूरज नहीं निकला 
,
पर उसमे वो चमक ही कहाँ ..........

आज तुम नहीं हो तो

क्या फूल नहीं खिला 
,
पर उसमे वो महक ही कहाँ ........

जब तुम नहीं हो तो सब हो


कर भी कुछ नहीं होता

 ......
ना सूरज में चमक ना हवाओं


में महक और आज तुम नहीं


हो तो मेरी आँखों में भी वो


नूर कहाँ .................