Thursday, 31 October 2013

आओ एक दीप जलाएँ

आओ एक दीप जलाएँ 
आशा का, 
विश्व शांति के 
विश्वास का ...

आओ एक दीप जलाएँ 
उस बूढी माँ के नाम
 जिसका लाल
बरसों से परदेस में है ...

आओ एक दीप जलाएँ 
उस ललना के नाम 
जिसका सुहाग 
सीमा पर खड़ा है प्रहरी
बन कर ...


आओ एक दीप जलाएँ
उस हर अंधियारे मन के लिए
जो हर -पल

 एक उम्मीद की
किरण के इंतज़ार में है ...


ये दीप हर -एक के मन में
आशा -विश्वास बन कर 

जलता रहे 
जगमगाता रहे हर पल ,
आओ एक दीप जलाएँ ....