Saturday, 31 January 2015

इस लिए सिर्फ तुम्हारा नाम लिखा ....

आओ साथी
एक पत्र लिखें
प्रेम भरा एक पत्र
एक दूजे के लिए

तुमने लिखा
सूरज चाँद तारों
पर अधिपत्य तुम्हारा है

धरती आकाश की
हदों पर
हक तुम्हारा है

जो कुछ तुम्हारा है
वही मेरा है

मैंने लिखा
मेरी कलम में
सियाही बहुत कम है

इस लिए सिर्फ
तुम्हारा नाम लिखा ....

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