Monday, 15 December 2014

चाँद का ग्रहण से गहरा नाता है....!

तस्वीर में चाँद था
या चाँद की तस्वीर थी 
क्या फर्क पड़ता है।

चाँद तो बस चाँद है
सुंदर सा
मन को हरने वाला
मनोहर.....!

तस्वीर का चाँद
मुस्कुराता दिखा
मनोहर मुस्कान के साथ।

मुस्कान जो दिखाई दी
क्या वह दिल से जुड़ी भी थी
या यूँ ही
तस्वीर की सुंदरता बढाने के लिए थी !

क्योंकि
आँखों में अब भी
उदासियां नज़र आती है
चाँद का ग्रहण से गहरा नाता है....!

शायद...!

11 comments:

  1. सुन्दर प्रस्तुति! साभार! आदरणीया उपासना जी!
    धरती की गोद

    ReplyDelete
  2. आपकी लिखी रचना बुधवार 17 दिसम्बर 2014 को लिंक की जाएगी........... http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

    ReplyDelete
  3. गहरा एहसास ... पर सच है चाँद का दिल और ग्रहण से गहरा नाता है ...

    ReplyDelete
  4. चाँद का ग्रहण है गहरा नाता है, हर ग्रहण उसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा जाता है …
    बहुत खूबसूरत गहन भाव …

    ReplyDelete
  5. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (17-12-2014) को तालिबान चच्चा करे, क्योंकि उन्हें हलाल ; चर्चा मंच 1829 पर भी होगी।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  6. बहुत खिली हुई कविता ........सुन्दर !!

    ReplyDelete
  7. चाँद का ग्रहण से गहरा नाता है...शानदार बात कही आपने

    ReplyDelete
  8. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete

  9. चांद का ग्रहण से गहरा नाता है.
    सुंदर.

    ReplyDelete
  10. मुस्कान जो दिखाई दी
    क्या वह दिल से जुड़ी भी थी
    या यूँ ही
    तस्वीर की सुंदरता बढाने के लिए थी !

    बहुत ही सुन्दर अलफ़ाज़

    ReplyDelete