Friday, 22 March 2013

तलाश फिर भी जारी है.......

कितने चेहरे
हैं आस -पास
इन चेहरों की भीड़ में
तलाश ,
एक अपने से
जाने पहचाने चेहरे की

तलाश
एक पहचानी सी
मुस्कान की
जो मिले ,लिये
आँखों में वही जान -पहचान

तलाश
पूरी कब होती है
समय बदलता है
चेहरे बदल जाते हैं ...

तलाश
फिर भी कायम है
इस
बदलते समय में ,
एक अपनेपन की
उन्हीं बदले हुए चेहरों में

कभी-कभी  यह
तलाश
कभी भी ख़त्म नहीं होती

तलाश
खत्म भी कैसे हो
जब वही जाने -पहचाने
चेहरे
मिल कर भी नहीं मिलते ,
फिर रहे हों अजनबियत
का मुखोटा पहने ......

तलाश
फिर भी जारी है
इंतजार भी है उन
अजनबियत के
मुखोटों के उतरने का .....