Sunday, 8 June 2014

तू ख़ुश रहे सदा ..



दुआ दिल से दी
लब  ख़ामोश रहे तो क्या।

आँखे बंद किये
दीदार कर लिया
जिस्म दूर रहे तो क्या।

ख़ुशी में हो या हो ग़म
याद आते हैं
दूर जाने वाले
दिल ही दिल में महसूस कर लिया
छू ना पाये तो क्या।

महफ़िल में मुस्कुराये
छुप कर आंसूं बहाये तो क्या।

ओ  बेख़बर
तू ख़ुश रहे सदा
हम इस जहां से चले जाये तो क्या।