Friday, 21 March 2014

परिधि प्यार की ...


वो कहते है 
बहुत प्यार है तुमसे। 

हम भी पूछ बैठे .
कितना प्यार है हमसे !

जरा 
बताओ तो 
कितने किलो ,
कितने एकड़ .......!!

कोई तो नाप - तोल  ,
परिधि 
प्यार की भी होती ही है !

हाँ मैं तुम्हे दस ग्राम ,
और डेढ़  क्यारी प्यार करता 
हूँ ...


दस ग्राम !डेढ़ क्यारी !!

हाँ मुझे  
दस ग्राम कस्तूरी
  और केसर की डेढ़ क्यारी
 जितना प्यार है तुमसे। 

9 comments:

  1. क्वालिटी देखिये ,क्वांटिटी नहीं .

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  2. आदरणीय बुरा न मानियेगा , समर्पण ही प्रेम हैं , समर्पण क्या हैं ? इसकी तलाश ही प्रेम हैं , धन्यवाद
    ॥ जय श्री हरि: ॥
    Information and solutions in Hindi ( हिंदी में जानकारियाँ )

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  3. बहुत सुन्दर

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  4. लो भाई अब प्यार का पैमाना भी निकल आया :) अच्छी कविता

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