Friday, 16 August 2013

मुझे बस तू ही तू आया नज़र

तेरी तलाश
कहाँ -कहाँ न की मैंने ,
मुझे बस
तू ही तू
आया नज़र हर जगह  …

हर जगह
नज़र आया बस तू ही
फिर भी
ना जाने क्यूँ लगता है मुझे
बस तुझे ही देखूं
जहाँ तक नज़र जाए  ….

दिल के
छोटे से कोने में
देखा जब झाँक कर
वहां भी नज़र तू ही आया  ….

इस जहां की
हर शह में
बस एक तू ही नज़र आया  ,
तू नहीं नज़र आया
तो सिर्फ
मेरी हाथों की लकीरों ही में  …।