Sunday, 17 February 2013

जिन्दगी में बस जीना होता है .....

जिन्दगी में
मिलता नहीं कुछ भी
 जब जो भी चाहा ...

जिन्दगी में
मिल जाता है वह सब
कभी जो नहीं चाहा  ...

जिन्दगी में
चाह और अनचाह का
विकल्प होता है किसी
और के पास ...

जिन्दगी में
मिलता नहीं मौका
दुबारा  कभी फिर

जिन्दगी में
गए  पल फिर नहीं मिलते
ना ही उन पलों पर अधिकार ही

जिन्दगी में
बिताएं पलों पर
अधिकार किसी और
का होता है

जिन्दगी में
अधिकार किसी को कहाँ
आने वाले पलों पर

जिन्दगी में
मिलता कहाँ है
कोई अपना और अपनापन
देने वाला

जिन्दगी में
बस जीना होता है
जैसे बेजान  कठपुतलियाँ
किसी और के हाथों डोर ........................