Sunday, 17 February 2013

जिन्दगी में बस जीना होता है .....

जिन्दगी में
मिलता नहीं कुछ भी
 जब जो भी चाहा ...

जिन्दगी में
मिल जाता है वह सब
कभी जो नहीं चाहा  ...

जिन्दगी में
चाह और अनचाह का
विकल्प होता है किसी
और के पास ...

जिन्दगी में
मिलता नहीं मौका
दुबारा  कभी फिर

जिन्दगी में
गए  पल फिर नहीं मिलते
ना ही उन पलों पर अधिकार ही

जिन्दगी में
बिताएं पलों पर
अधिकार किसी और
का होता है

जिन्दगी में
अधिकार किसी को कहाँ
आने वाले पलों पर

जिन्दगी में
मिलता कहाँ है
कोई अपना और अपनापन
देने वाला

जिन्दगी में
बस जीना होता है
जैसे बेजान  कठपुतलियाँ
किसी और के हाथों डोर ........................


15 comments:

  1. बहुत ही सुन्दर भावपूर्ण रचना,जिंदगी के मिले पल को खूबसूरत ढंग से जीना चाहिए.

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    1. राजेन्द्र कुमार जी आपका हार्दिक धन्यवाद

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  2. जिन्दगी को बस जीना होता है

    बहुत भावपूर्ण उम्दा अभिव्यक्ति ,,,

    recent post: बसंती रंग छा गया

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    1. धीरेन्द्र जी आपका हार्दिक धन्यवाद

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    1. गुरदीप सिंह जी आपका हार्दिक धन्यवाद

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  4. होता है अक्सर ऐसा जिंदगी के साथ.....सुन्दर........वक़्त मिले तो जज़्बात पर भी आएं ।

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    1. इमरान अंसारी जी आपका हार्दिक धन्यवाद

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  5. जिन्दगी में
    बस जीना होता है
    जैसे बेजान कठपुतलियाँ
    किसी और के हाथों डोर .......
    वाह ... बेहतरीन

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    1. आपका हार्दिक धन्यवाद .......

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  6. बहुत खुबसूरत अभिव्यक्ति

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    1. रमाकांत सिंह जी आपका हार्दिक धन्यवाद

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  7. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि कि चर्चा कल मंगल वार 19/2/13 को राजेश कुमारी द्वारा चर्चा मंच पर की जायेगी आपका हार्दिक स्वागत है

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    1. राजेश कुमारी जी आपका हार्दिक धन्यवाद

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  8. ज़िंदगी के कई-कई रूप... कुछ मीठे कुछ खट्टे. पर जीना तो होता ही है भले ही डोर किसी और के हाथ... बहुत अच्छी रचना, शुभकामनाएँ.

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