Thursday, 30 August 2012

सिर्फ तुम .....


कभी - कभी कोई,
किसी के लिए
दरवाज़े जब .स्वयं ही बंद
कर देता है ,
तो वह  अक्सर
उसी की आहट का
इंतजार क्यूँ करता है ....
क्यूँ ...!
हवा में हिलते , सरसराते
पर्दों को थाम ,
उनके पीछे ,
उस  के होने की चाह
रखता है .....
और क्यूँ ...!
अक्सर खिड़की बंद करने
के बहाने से
 दूर सड़क को ताकता
 रहता है ,
सिर्फ
उसी  को आते हुए
देखने की चाह में ..........!