Wednesday, 30 May 2012

ये जिन्दगी ना मिलेगी दुबारा

हम सारी जिन्दगी

जीते रहे हर पल 


मर - मर के ..........


और 

,
औरों को नसीहतें 


देते रहे


ये जिन्दगी ना मिलेगी 


दुबारा ..............

7 comments:

  1. क्या बात.... बहुत खूब...
    सादर।

    ReplyDelete
  2. क्या बात कही आपने,बहुत सुंदर प्रस्तुति,,,,,

    RECENT POST ,,,,, काव्यान्जलि ,,,,, ऐ हवा महक ले आ,,,,,

    ReplyDelete
  3. कथनी और करनी का अंतर बहुत गहन बात सुन्दर रचना

    ReplyDelete
  4. वाह क्या बात है
    (अरुन =arunsblog.in)

    ReplyDelete
  5. बहुत बढ़िया गहन बात कही है...

    ReplyDelete