Wednesday, 9 May 2012

बात जरा सी है.......


बात जरा सी है और
 समझ नहीं आती ...
जब एक माँ अपनी 
बेटी को दुपट्टा में इज्ज़त 
 सँभालने का तरीका
 समझाती है ,
तो वह अपने बेटे को 
राह चलती किसी की 
बेटी की इज्ज़त करना 
क्यूँ नहीं सिखलाती ....

बात जरा सी है और
 समझ नहीं आती...
जब एक माँ अपने बेटे 
की हर चीज़ सहेज कर
 रखती है तो उसकी 
पत्नी ,जो बेटे को बहुत 
प्रिय होती है उसकी 
अनदेखी क्यूँ करती है .....