Tuesday, 11 August 2015

इस बरस..

इस बरस
नज़र आ रहे हैं 
चहुँ ओर उगे हुए 
आक , धतूरे 
और भांग के पौधे |

इस बरस
भुजंग 
आने लगे हैं बाहर 
आस्तीनों से ,
उठाने लगे है फन |

लगता है 
इस बरस,
चन्दन भी अधिक 
लपेटना होगा शिव को |