Tuesday, 11 August 2015

इस बरस..

इस बरस
नज़र आ रहे हैं 
चहुँ ओर उगे हुए 
आक , धतूरे 
और भांग के पौधे |

इस बरस
भुजंग 
आने लगे हैं बाहर 
आस्तीनों से ,
उठाने लगे है फन |

लगता है 
इस बरस,
चन्दन भी अधिक 
लपेटना होगा शिव को |
  

9 comments:

  1. सुंदर अभिव्यक्ति

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  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 13-08-2015 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2066 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

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  3. सुन्दर प्रस्तुति .

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  4. सुन्दर भावाभिव्यक्ति

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  5. शिव तो हर बार पहले से ज्यादा तैयार हो के आते हैं ...
    गहरा भाव लिए ...

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