नयी उड़ान +
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Saturday, 17 November 2012
तेरी शक्ति तुझी में निहित है ....
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कहाँ भटकती है तू बन-बन कस्तूरी मृग की भांति , तेरी शक्ति है तुझ में ही निहित ... एक बार सर तो उठा आसमान खुला है तेरे लिए भी एक बार ...
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Friday, 16 November 2012
करैक्टर लेस..
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सुना है वह आजकल बहुत गुनगुनाती है हंसती भी बहुत है .... सुना है वह उडती तितलियों को पकड़ने दौड़ पडती है नंगे पाँव ही ... स...
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सरहद और नारी मन
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सरहद पर जब भी युद्ध का बिगुल बजता है मेरे हाथ प्रार्थना के लिए जुड़ जाते हैं दुआ के लिए भी उठ जाते हैं सीने पर क्रोस भी बनाने लग ज...
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Wednesday, 14 November 2012
ना जाने क्यूँ ..........
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ना जाने कैसा बोझ है जो सीने पर लिए घूमा करती हूँ ...... मुस्कराते चेहरों के पीछे एक दर्द को तलाशती रहती हूँ ना जाने क्यूँ मुझे मुस्क...
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Friday, 9 November 2012
मैं एक बार फिर से हरी हो जाती हूँ .....
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तेरे ख्याल तेरा जिक्र तेरे ख्वाब तेरी छुअन, अपने भीतर कहीं न कहीं महसूस करती हूँ मैं अब भी ........ यह छुअन , यह अहसास मुझे बत...
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Thursday, 8 November 2012
एक औरत की वसीयत...
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सोचती है एक औरत , जब वसीयत लिखने की ...... और सोचती है उसकी क्या है विरासत और क्या दे कर जाना है उसको इस दुनिया को ... जब उसका अपना...
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Wednesday, 7 November 2012
दीये बेचने वाली का बेटा
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बाहर से किसी ने पुकारा तो देखा दीये बेचने वाली का बेटा खड़ा था , देख कर मुस्काया, दीवे नहीं लेने क्या बीबी जी ........... मैंन...
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