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Saturday, 20 June 2015
प्रेम तुम सिर्फ जीवन हो..
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मैंने लिखा प्रेम ! तुमने लिखा विदाई ! प्रेम , तुम्हारा नाम विदाई है क्या ! चल पड़े यूँ मुँह फेर के , पीठ घुमा कर। एक बार भी ...
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Tuesday, 16 June 2015
मुस्कुराहटें छुपा देती है दिलों के राज़....
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मुस्कुराइए ! कि मुस्कुराहटें छुपा देती है दिलों के राज़। बन सकते हैं अफ़साने जिन बातों से मुस्कुराहटें रोक देती हैं , लबों पर आती बात। ...
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Monday, 8 June 2015
मैं तुम्हारे साथ हूँ !
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ख़ामोशी को खामोश समझना भूल हो सकती है। कितनी हलचल अनगिनत ज्वार भाटे समाये होते है। आँखों में समाई नमी जाने कितने समंदर छिपाए होत...
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Friday, 22 May 2015
एक चिराग मुहब्बत का ..
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एक चिराग मुहब्बत का जो जलाया था हमने, ना बुझ पाया दुनिया की नफरतों की आँधियों से ... हम मिले या ना मिलें कभी रहेगा जहाँ भी चिराग, ...
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Wednesday, 20 May 2015
कैसा है मानव जो बना है दानव..
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नभ है उदास क्यूँ , क्यूँ उदास है देवी -देवता , चुप हैं दीप बुझी क्यूं दीपमाला। सोचे हैं सभी क्या सोच के यह धरा बनाई , ध...
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Sunday, 17 May 2015
जिंदगी जैसे चौसर की बिसात ...
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जिंदगी जैसे चौसर की बिसात ! सभी के अपने -अपने खाने है अपनी -अपनी गोटियां है। इंतज़ार है तो पासों के गिर के बिखरने का। पासों के बि...
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Thursday, 7 May 2015
अब चाँद को छूने की हसरत नहीं...
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बचपन के आँगन में पानी भरी थाली में चाँद देखना जैसे आँगन में ही चाँद उतर आया हो नन्ही हथेलियों से चाँद को छूने की चेष्टा में पानी के...
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