नयी उड़ान +
Pages
(Move to ...)
Home
▼
Saturday, 31 May 2014
मैं उदास हूँ..
›
पानी में पानी का रंग तलाशना जता देना है कि मैं उदास हूँ। ख़ुशी में ग़म तलाशना जता देना है कि मैं उदास हूँ। ऊँची पहाड़ियों पर घाटियो...
14 comments:
Wednesday, 28 May 2014
यह जीवन हर दिन आस भरा
›
यह जीवन हर दिन आस भरा उम्मीद भरा भोर से साँझ तक। हर रोज़ एक आस उदित होती है सूर्य के उदय के साथ - साथ। छाया सी डोलती कभी आगे...
9 comments:
Tuesday, 13 May 2014
हैरान हूँ फ़िर भी मैं !
›
कल रात बहुत बारिश हुई गीला सा मौसम चहुँ ओर गीला -गीला सा आलम। भिगोया तन बरसती बारिश ने भिगो ना सकी लेकिन मन को और मन में फैले रे...
11 comments:
Tuesday, 6 May 2014
एक छवि है उसकी भी ...
›
कोई है जो बेनाम है बनता अनजान है। क्या जाने वो रूठा या माना हुआ , गुमशुदा है या आस-पास ही रहता है ! सोचता है अदृश्य है वह मुझस...
11 comments:
ਓਸ ਦਿਸ਼ਾ ਵੱਲ ਵੇਖੀਏ ਵੀ ਕਿਉਂ..
›
ਮੇਰਾ ਮਨ ਸ਼ਾੰਤ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ਾੰਤ ਸਮੁੰਦਰ ਦੀਅਾਂ ਲਹਿਰਾਂ ਨਾ ਕੋਈ ਆਸ ਨਾ ਹੀ ਕੋਈ ਉੱਮੀਦ ... ਓਸ ਦਿਸ਼ਾ ਵੱਲ ਵੇਖੀਏ ਵੀ ਕਿਉਂ ਜਿਥੇ ਜਾਣਾ ਹੀ ਨਹੀ ... ਨਾ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ...
Friday, 2 May 2014
पत्थर के शरीर में क्या आत्मा भी पत्थर की ही ....
›
कभी बुत देखा है क्या ... चुप -खामोश रुका -ठहरा सा चुप सा दिखता है। न जाने क्या सोचता रहता है पत्थर का शरीर है तो क्या मन भी पत्थर ...
5 comments:
Wednesday, 30 April 2014
नन्हा..
›
मैं छोटा सा ,नन्हा सा और माँ कहती है प्यारा सा बच्चा हूँ प्यारा सा बच्चा हूँ ! फिर भी माँ स्कूल के लिए जल्दी जगा कर तै...
8 comments:
‹
›
Home
View web version