नयी उड़ान +
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Sunday, 24 January 2016
किसको सुनाइए दर्द अपना...
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बुझ गए रंगोलियों पर रखे दीप बिखर गए सारे रंग। अब बिखरी हैं मायूसियां दर्द कराहटें। किसको सुनाइए दर्द अपना, ...
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Sunday, 17 January 2016
अब तुम मत आना..
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तपते सहरा में चली हूँ अकेली मैं, जब छाँव भरी बदली ढक ले मेरे राह को शीतल कर दे मेरी डगर, तब तुम मत आना। अमावस की अँधेरी ...
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Thursday, 7 January 2016
कहाँ और कब तक रहोगे तुम छुप कर
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ख़ामोशी पसर सी गई चहुँ ओर जैसे सागर किनारे की मिट्टी। लहरें भी लौट जाती हैं धीमे से छू कर बिना कुछ कहे। सूनापन नहीं है फिर भी तुम्...
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Sunday, 29 November 2015
चलो तुम ही मन्नत की दुआ मांगो..
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तुम ने मन्नत मांगी है दूर जाने की मुझ से, भूल जाने की मुझे। एक मन्नत मेरी भी है याद में , दिल में सदा पास रखने की तुमको। मन्नतें स...
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Saturday, 21 November 2015
ਕਿਵੇਂ ਬਣ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਤੇਰੀ ਤੇ ਮੇਰੀ !
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ਨਿੱਕੀ - ਨਿੱਕੀ ਗੱਲਾਂ ਤੇਰੀਆਂ ਤੇ ਕੁਜ਼ ਮੇਰੀਆਂ ਵੀ। ਇਹੋ ਨਿੱਕੀ ਗੱਲਾਂ ਬਣ ਜਾਣੀ ਸੀ ਕਹਾਣੀਆਂ। ਕਿਵੇਂ ਬਣ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਤੇਰੀ ਤੇ ਮੇਰੀ ! ਤੂ ਹੋਰ ਦਿਸ਼ਾ ਵ...
Monday, 16 November 2015
चालीस पार की औरतें
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चालीस पार की औरतें जैसे हो दीमक लगी दीवारें ! चमकदार सा बाहरी आवरण, खोखली होती भीतर से परत -दर -परत। जैसे हो कोई विशाल वृक्ष, नी...
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Tuesday, 10 November 2015
तुम दीप बन जाना...
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अँधेरा मेरे मन का, अमावस सा। ना कर सको अगर चाँद सा उजाला। तुम, दीप बन जाना। बन कर दीप रोशन करना मेरी आस का पथ।
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