नयी उड़ान +
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Tuesday, 30 December 2014
फिर भी बने रहना तुम ..
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एक साल और बीता अच्छा या बुरा मालूम नहीं यह मुझे बस बीता दिया या बीत गया , जैसे मेरी उमर ! एक बरस हो गया हो कम .... गर्मी इस साल ...
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Sunday, 28 December 2014
हायकू ( गांव )
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गांव की बाला नहीं है मज़बूर थामे पुस्तक नया ज़माना नयी है तकनीक खुश किसान
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Wednesday, 24 December 2014
हायकू ( पंछी )
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चाँद से प्रीत रहे मन मसोस पंछी बाँवरा दूर गगन खग न जाने मग भटके राह बंद पिंजरा उड़ने की चाहत चुप है पक्षी जीने की चाह जर्जर ह...
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Tuesday, 23 December 2014
एक पाती जाने पहचाने अनजाने के नाम
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एक बात जो तुमसे कही मैंने , बन कर अपनी सी। वह बात तो तुमने भी सुनी होगी। या अनसुनी कर दी… कभी कुछ पलट कर जवाब भी नहीं दिया। बने...
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Monday, 22 December 2014
हायकू ..( पन्ने )
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यादों से घिरे पन्ने फड़फड़ाये मन उदास कोरे कागज़ पर लिखी किस्मत बांच ना पाऊँ पृष्ठ पलटे पुरानी डायरी के मन मुस्काये
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Wednesday, 17 December 2014
जो बद् दुआ बन कर उमड़ रही है दुनिया की हर मां के हृदय से ....
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चुप है एक माँ, क्या कह कर मन को मनाए, क्या समझाए किसी को । रोती हुई माओं के साथ ही रो पड़ती है वह स्वयं.... प्रार्थना , सांत्वना ...
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Monday, 15 December 2014
चाँद का ग्रहण से गहरा नाता है....!
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तस्वीर में चाँद था या चाँद की तस्वीर थी क्या फर्क पड़ता है। चाँद तो बस चाँद है सुंदर सा मन को हरने वाला मनोहर.....! तस्वीर का चाँद मुस्कुरा...
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