नयी उड़ान +
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Wednesday, 31 October 2012
नन्हा
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मैं छोटा सा ,नन्हा सा और माँ कहती है कि प्यारा सा , एक बच्चा हूँ.... प्यारा सा बच्चा हूँ ......फिर भी माँ स्कूल के लिए जल्दी जगा कर तैयार क...
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Thursday, 25 October 2012
कान्हा वंशी फिर से बजा दो ...
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कान्हा एक बार वंशी फिर से बजा दो ... वह धुन छेड़ो , जिसे सुन कर हर कोई मंत्रमुग्ध सा हो रहे ... किसी को कोई सुध-बुध ही ना रहे .... इस...
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Monday, 22 October 2012
लेकिन वे फिर भी मुस्कुराती है ....
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औरतें कभी भी और किसी को भी नहीं लगती अच्छी जब वे मुस्कुराती है , हंसती है , या खिलखिलाती है ...... लेकिन वे फिर भी मुस्कुराती है ....
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Tuesday, 16 October 2012
रंग
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दो कजरारी आंखे झपकाते हुए , सागर की सी गहराई लिए आँखों से ... मैं अक्सर तुम्हारी तस्वीर में अपने रंग खोजती हूँ , जो रंग कभी मै...
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Friday, 12 October 2012
अस्थि कलश
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गंगा की लहरों पर तैरते अस्थि कलश को देख सहसा मन में विचार उमड़ पड़ते हैं .. कैसे एक भरा - पूरा इन्सान अस्थियों में बदल कर एक छोट...
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Tuesday, 9 October 2012
प्रेम की सरगम
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कोई आँखों से दिल की बात कहता रहा , और कोई पलके मूंदे ख्वाब ही बुनता रहा ........ रहा अनजान उन आँखों की इबारत से , बस अपनी ही धुन ...
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Monday, 8 October 2012
संयम
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महाभारत का कारण अक्सर असंयमित वाणी और असंयमित आचरण ही होता है ........ शांतनु ने अगर काम पर संयम रखा होता तो क्या , ...
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