नयी उड़ान +
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Saturday, 28 March 2015
राम का राम होना आसान तो न था।
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राम का राम होना आसान तो न था। हर कोई उर्मिला, कौशल्या , सुमित्रा के त्याग को सराहते , सीता पर हुए अन्याय को है गाते.… सीता को देख...
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Wednesday, 25 March 2015
प्रेम कभी -कभी तुम.....
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प्रेम कभी -कभी तुम दुःख हो ,विषाद हो। और कभी कभी तुम उदासी भी हो। दूर से नज़र आती रोशनी हो जैसे। जो दिखाई तो दे मगर उजाला ना...
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Saturday, 21 March 2015
प्रेम से नाराजगी कैसी....
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प्रेम से नाराजगी कैसी जब प्रेम हो वट वृक्ष सा... शीतल घनेरी छाँव सी मुस्कान, सरसराता ठंडा झोंका सी उसकी बातें । फैला हुआ हो वजूद दूर ...
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Saturday, 14 February 2015
प्रेम को खूंटी पर लटका दिया है मैंने....
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प्रेम को खूंटी पर लटका दिया है मैंने झोली में डाल कर दादी की पटारी में । पटारी , जिस में दादी रखा करती थी सूई , धागे और बटन । उधड...
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Saturday, 31 January 2015
इस लिए सिर्फ तुम्हारा नाम लिखा ....
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आओ साथी एक पाती लिखें, प्रेम भरा एक पाती, एक दूजे के लिए... तुमने लिखा सूरज, चाँद और तारों पर अधिपत्य तुम्हारा है ! धरती से आकाश क...
इंतज़ार को समझोगे.....
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उदासियों को समझोगे समझ आएगा मन का अकेलापन अंधकार को समझोगे समझ आएगा दीपक का अकेलापन इंतज़ार को समझोगे समझ आएगा मेरा अकेलापन......
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Sunday, 25 January 2015
हाइकु ( बेटी )
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1 ) बेटी जन्म होता है वरदान निराश क्यूँ हो 2) धी चले जब पहन के पायल आँगन झूमे 3) मुस्काती सुता घर -आँगन हँसे खिलखिलाए 4) ...
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