नयी उड़ान +
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Saturday, 14 February 2015
प्रेम को खूंटी पर लटका दिया है मैंने....
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प्रेम को खूंटी पर लटका दिया है मैंने झोली में डाल कर दादी की पटारी में । पटारी , जिस में दादी रखा करती थी सूई , धागे और बटन । उधड...
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Saturday, 31 January 2015
इस लिए सिर्फ तुम्हारा नाम लिखा ....
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आओ साथी एक पाती लिखें, प्रेम भरा एक पाती, एक दूजे के लिए... तुमने लिखा सूरज, चाँद और तारों पर अधिपत्य तुम्हारा है ! धरती से आकाश क...
इंतज़ार को समझोगे.....
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उदासियों को समझोगे समझ आएगा मन का अकेलापन अंधकार को समझोगे समझ आएगा दीपक का अकेलापन इंतज़ार को समझोगे समझ आएगा मेरा अकेलापन......
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Sunday, 25 January 2015
हाइकु ( बेटी )
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1 ) बेटी जन्म होता है वरदान निराश क्यूँ हो 2) धी चले जब पहन के पायल आँगन झूमे 3) मुस्काती सुता घर -आँगन हँसे खिलखिलाए 4) ...
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Wednesday, 21 January 2015
पर्दों के पीछे इंसान जैसा कोई रहता है....
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चारदीवारी में एक बड़ा सा दरवाजा है एक दरवाजा छोटा सा भी हैं ताला लगा है लेकिन वहाँ भीतर की तरफ चारदीवारी के भीतर कई खिड़की दरवाजों व...
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Monday, 19 January 2015
सबसे ऊपर तुम्हारा नाम लिखा...
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ब्रह्मांड से सबसे चमकीले सूरज चाँद चुने उपवन से सबसेमहकते गुलाब चुने लेकिन फिर भी लगा कुछ अधूरा मुझे इन में सबसे ऊपर त...
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Saturday, 17 January 2015
हायकू ( बून्द )
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1) शशि किरण बनी ओस की बून्द चातक मन 2) झिलमिलाती चपल बालक सी चंचल बूंदे 3) कोमल छवि कर पर कांपती मोती सी बूंदे 4) बेबस मन ...
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