Monday, 20 August 2012

क्या ये चंद्रमा तुम जैसा नहीं है ...

इस ब्रह्मांड में हजारों 
ग्रह - नक्षत्र है ,
और इन ग्रहों के 
कई - कई चंद्रमा है ...

लेकिन पूरे ब्रह्मांड में 
इस धरा
जैसा तो कोई
भी ना होगा ,
इसका तो चंद्रमा भी
एक ही है ...

केवल धरा के लिए
एक ही चंद्रमा
और इसके ही इर्द -गिर्द
चक्कर लगाता है हुआ
इसी को रोशन करता हुआ ...

क्या ये चंद्रमा
तुम जैसा नहीं है
मुझे तो
 कुछ ऐसा ही लगता है
और तुम्हे ...?

3 comments:

  1. और धरा आप हैं ...बहुत खूब

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  2. बहुत खूब,,,,सुंदर अभिव्यक्ति,,,,,

    RECENT POST ...: जिला अनुपपुर अपना,,,

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  3. Bhot achi lagi..chandrma tum jaisa h..

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